श्रीनगर: ज़ोजी ला सुरंग (Zoji La tunnel), जो कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी देने वाला एक अहम रणनीतिक कॉरिडोर बनने जा रहा है, अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँचने वाला है।
इंजीनियर एक “ब्रेकथ्रू” की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके लिए आखिरी धमाका 30 मई के आसपास होने की उम्मीद है।
दोनों छोरों से – कश्मीर में सोनमर्ग (बाल्टाल) और लद्दाख में मिनिमर्ग, जिनमें हर दिन लगभग चार मीटर खुदाई की गति से काम आगे बढ़ रहा है। इसके लिए कंट्रोल्ड ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) कंपनी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
13.155 किलोमीटर लंबी ज़ोजी ला सुरंग (Zoji La tunnel) में से अब सिर्फ़ 300 मीटर की खुदाई बाकी है। अनुमानतः मई में आखिरी छोर पर धमाके के साथ ही खुदाई का काम पूरा हो जाएगा और सुरंग का मुख्य ढाँचा तैयार हो जाएगा। यह कश्मीर और लद्दाख के बीच परिवहन के जुड़ाव का मुख्य मार्ग होगा और यह ऐतिहासिक मील का पत्थर 30 से 35 दिनों के भीतर सुरंग की खुदाई को पूरी तरह खत्म करके हासिल कर लिया जाएगा।
कंपनी के अनुसार इस ब्रेकथ्रू से बाकी बचे कामों का निर्माण तेज़ी से हो पाएगा। इन कामों में कंक्रीट लाइनिंग, सुरंग के लिए पक्का ड्रेनेज सिस्टम, निगरानी के उपकरणों की स्थापना, कंट्रोल बिल्डिंग, भूमिगत ट्रांसफॉर्मर और (ट्रैफ़िक) धुएँ को नियंत्रित करने वाले सिस्टम शामिल हैं।
वैसे सुरंग को पूरी तरह तैयार होने में अभी भी ढाई साल और लगेंगे। आम लोगों के लिए खुलने से पहले, इस ब्रेकथ्रू की मदद से निर्माण टीमें और मशीनें दोनों छोरों के बीच आसानी से आ-जा सकेंगी, जिससे काम और भी सुचारू रूप से चलेगा।
इस रास्ते के खुलने से टीमें और उपकरण बिना किसी रुकावट के सुरंग के अंदर से गुज़र सकेंगे। जिससे सर्दियों के मौसम में भी निर्माण कार्य जारी रखने में मदद मिलेगी, क्योंकि सोनमर्ग में भारी बर्फ़बारी के कारण ज़मीन पर आवाजाही पूरी तरह से रुक जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि इस ज़ोजी ला सुरंग (Zoji La tunnel) के बनने से दोनों छोरों (सोनमर्ग और मिनिमर्ग) के बीच की दूरी 49 किलोमीटर से घटकर 43 किलोमीटर रह जाएगी, और गाड़ियों की रफ़्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी।

