पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के इशारे पर काम कर रहे एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अमृतसर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और हथियारों का एक जखीरा बरामद किया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध की पहचान शहर के गल्लूवाल इलाके के रहने वाले सागर सिंह के रूप में हुई है। उसे अमृतसर और मोहाली की स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल और पंजाब पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा गया।
उसके पास से चार हैंड ग्रेनेड (P-86), दो विदेशी पिस्तौलें और गोला-बारूद बरामद किया गया है।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी विदेश में बैठे अपने आकाओं (हैंडलर्स) के इशारे पर काम कर रहा था और चंडीगढ़ में हुए ग्रेनेड हमले में शामिल आतंकी मॉड्यूल से भी उसके तार जुड़े हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
इस अभियान की जानकारी देते हुए पुलिस के सहायक महानिरीक्षक सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि ये छापेमारी पाकिस्तान की सीमा पार से हथियारों और विस्फोटकों की एक खेप की तस्करी के बारे में मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। सिंह को अमृतसर में खासा-राम तीर्थ सड़क मार्ग से पकड़ा गया था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, सिंह सबसे पहले जनवरी 2026 के आसपास एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए विदेश में बैठे अपने एक आका के संपर्क में आया था।
इसके बाद उसे हथियारों की खेप लेने और उन्हें आगे पहुंचाने के काम में लगा दिया गया। वह एन्क्रिप्टेड चैनलों के ज़रिए अपने आकाओं से संपर्क करता था और हर खेप पहुंचाने के बदले उसे पैसे मिलते थे।
कानून से सिंह का यह पहला सामना नहीं था। इससे पहले फरवरी 2026 में भी अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने उसे हथियारों की एक खेप के कुछ हिस्सों के साथ गिरफ्तार किया था।
मार्च में ज़मानत पर रिहा होने के बाद, उसने कथित तौर पर अपने आका से दोबारा संपर्क साध लिया और फिर से हथियारों की तस्करी का काम शुरू कर दिया।
पुलिस ने बताया कि इस आतंकी मॉड्यूल के पूरे दायरे और विदेश में बैठे इसके आकाओं के नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है।

