Top 5 This Week

लोकप्रिय ख़बरें

गर्मी में हरा चारा पशुओं के लिए वरदान हैं; जाने सेहत और दूध क लिए जरूरी उपाय

पशुपालन में गाय, भैंस, और बकरी जैसे दुधारू पशुओं के लिए हरा चारा एक अत्यंत आवश्यक आहार है। यह उन्हें प्रोटीन, विटामिन और खनिज प्रदान करता है जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि होती है। हरे चारे की प्रमुख किस्मों में सुपर नेपियर घास, ज्वार, बाजरा, मक्का, और बरसीम शामिल हैं। यह पशुओं के पाचन तंत्र को तो मजबूत रखता ही है साथ में उन्हें सूखा चारा खाने में मदद भी करता है। इसमें प्रचुर मात्रा में नमी होने से पशुओं को पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से भी बचाया जा सकता है।

हरा चारा किस्में (Green Fodder Varieties)

  • सुपर नेपियर घास (Super Napier): यह सबसे लोकप्रिय बार-बार कटने वाली घास है जिसकी लंबाई १२-१५ फीट तक हो जाती है। यह प्रोटीन से भरपूर होती है और इसे एक बार लगाने पर कई वर्षों तक कटाई की जा सकती है।
  • ज्वार और बाजरा: गर्मी और बारिश के मौसम के लिए ये सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। एडवांटा (Advanta) जैसी कंपनियों की न्यूट्री-फीड (Nutrifeed) किस्में काफी प्रचलित हैं जो मीठी, रसीली और जल्दी पचने वाली होती हैं।
  • बरसीम: बरसीम (Berseem) एक अत्यधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट दलहनी हरा चारा है जिसे मुख्य रूप से सर्दियों (रबी मौसम) में उगाया जाता है। यह प्रोटीन ( करीब 20%), कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होता है, जिसे खाने से दुधारू पशुओं का स्वास्थ्य सुधरता है और दूध उत्पादन में भारी वृद्धि होती है।

तपती गर्मियों का मौसम शुरू होते ही हम सब के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि अपने दुधारू पशुओं को लू और भीषण गर्मी की मार से कैसे बचाएं. इस मौसम में अक्सर देखने को मिलता है कि सही पोषण न मिलने के चलते पशु बीमार पड़ने लगते हैं और उनका दूध उत्पादन भी अचानक बहुत कम हो जाता है. इसलिए गर्मियों के इस कठिन समय में सही और पौष्टिक हरे चारे का चुनाव पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो सकता है.

अगर इस समय हम अपने पशुओं के खान-पान में कुछ खास हरे चारों को शामिल कर लें तो न केवल उनकी सेहत एकदम दुरुस्त रहेगी बल्कि इस चिलचिलाती धूप में भी दूध की लगातार बारिश होती रहेगी. जान लीजिए एक्सपर्ट्स टिप्स

कम समय में बंपर पैदावार देने हरे चारे

एक्सपर्ट्स के मुताबिक पशुपालकों के लिए गर्मियों के मौसम में लोबिया, मक्का, बरसीम, नेपियर घास और ज्वार जैसे हरा चारा सबसे ज्यादा फायदेमंद और असरदार साबित होते हैं. इन फसलों की सबसे बड़ी और मजेदार खासियत यह है कि ये बहुत तेजी से बढ़ती हैं और मात्र तीस से चालीस दिनों के भीतर कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती हैं.

कम समय में पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता हो जाने के कारण आपके फार्म पर कभी भी फीड की कमी नहीं होती है. अगर किसान भाई अपने खेतों में लोबिया, मक्का और ज्वार की समय पर बुवाई कर दें तो वे गर्मियों के महीनों में होने वाली चारे की किल्लत को काफी हद तक हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं.

पशुओं की सेहत रहेगी तंदुरुस्त

ये समर स्पेशल हरे चारे न केवल हमारे गाय और भैंसों के शरीर को अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रखते हैं बल्कि उन्हें भरपूर मात्रा में जरूरी प्रोटीन और विटामिंस भी प्रदान करते हैं. इससे पशुओं की पाचन शक्ति बहुत मजबूत होती है जिससे उनका दूध उत्पादन और फैट का स्तर गर्मियों में भी बिल्कुल कम नहीं होता है.

यह हरे चारे इस चीज में भी फायदेमंद

इसके साथ ही इन फसलों की एक और छिपी हुई सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये मिट्टी की उर्वरता यानी उसकी उपजाऊ शक्ति को भी प्राकृतिक रूप से बहुत बढ़ा देती हैं जिसका सीधा फायदा किसानों को अपनी अगली फसल में देखने को मिलता है.

हरा चारा की इन किस्मों को अपनाएं और अपने पशुओं को चुस्त-दुरुस्त रखें तथा डेयरी से अपनी आय में बढ़ोतरी करें.

 

गौरी शंकर रुद्राक्ष: परिवार में सुख-शांति के लिए विशेष क्यों माना गया?

गौरी शंकर रुद्राक्ष एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी रुद्राक्ष है, जो भगवान शिव और माता पार्वती (शिव-शक्ति) के दिव्य मिलन और शाश्वत प्रेम का प्रतीक माना जाता है. इस रुद्राक्ष की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें दो रुद्राक्ष प्राकृतिक (Natural) रूप से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, जो अर्धनारीश्वर स्वरूप को दर्शाते हैं. कई लोग इसे घर के पूजा स्थान में रखते हैं, जबकि कुछ लोग इसे धारण भी करते हैं। वैदिक ज्योतिष में इसका संबंध शुक्र ग्रह से माना गया है, जो जीवन में सुख, सौंदर्य और आपसी संबंधों को नियंत्रित करता है। इसलिए इसे घर में सुख-शांति और पारिवारिक रिश्तों में प्रेम बढ़ाने वाला भी कहा जाता है.

सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग : समृद्ध भारत की ओर बढ़ते कदम; राजस्थान में शुरू हुआ पहला प्लांट

यह सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भारत का पहला छोटा और मध्यम उद्यम (SME) है जिसने सेमीकंडक्टर चिप्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया है। इसे 'इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स के मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना' (Scheme for Promotion of Manufacturing of Electronic Components and Semiconductors) के तहत 150 करोड़ रुपये से ज़्यादा के निवेश से विकसित किया गया है।57,000 वर्ग फुट में फैली और क्लास 10K और 100K क्लीनरूम से लैस यह सुविधा, Micro SD और फ्लैश स्टोरेज जैसे प्रोडक्ट्स के लिए मेमोरी चिप्स की पैकेजिंग करेगी। इसके साथ ही यह LED ड्राइवर ICs, eSIMs और RFID प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग भी करेगी।

बच्चों में तनाव जानने के लिए उनकी गतिविधियों का अर्थ कैसे समझे?

आज के आधुनिक समय में बच्चों में तनाव (Stress in Children) एक गंभीर और तेजी से बढ़ती हुई समस्या है। बच्चे अक्सर अपनी भावनाओं को पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाते, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। पढ़ाई का दबाव, बढ़ती प्रतियोगिता, परिवार में झगड़े, सोशल मीडिया का असर या आसपास होने वाली नकारात्मक घटनाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती हैं. कई बार बच्चे अपने तनाव को खुलकर नहीं बता पाते, इसलिए माता-पिता के लिए उनके व्यवहार में होने वाले बदलावों को समझना बहुत जरूरी हो जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, हर उम्र के बच्चों में तनाव के संकेत अलग-अलग दिखाई देते हैं. कुछ बच्चे चुप हो जाते हैं, जबकि कुछ गुस्सैल या डरपोक बन सकते हैं. अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो बच्चों की सही मदद की जा सकती है.

ज्येष्ठ अमावस्या 2026: जाने अद्भुत सयोंग पर सेवा का पुण्य

वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या (जेठ अमावस) शनिवार, 16 मई 2026 को मनाई जाएगी। यह अमावस्या शनि जयंती और वट सावित्री व्रत के दुर्लभ संयोग के कारण अत्यंत शुभ है। इस दिन पवित्र स्नान, दान और पितरों के तर्पण का विशेष महत्व है। सनातन धर्म में शारीरिक शुद्धि के लिए स्नान और व्रत तथा समाज में जरुरतमन्द, निर्धन, बीमारों की सेवा और पशु-पक्षी या जानवरों की सेवा को सर्वोपरि माना गया है इसलिए इस गर्मी के मौसम में आने वाली ज्येष्ठ अमावस्या (जेठ अमावस) के दिन पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने के बाद निर्धन लोगों को धन, अन्न, वस्त्र या काले तिल का दान करना शुभ माना गया है। 

लद्दाख घूमें सिर्फ ४ दिन में; मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म ने तस्वीरों के साथ बताया ट्रैवल प्लान

यदि आप कम दिनों में लद्दाख घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म का यह 4 दिन का ट्रैवल प्लान आपके...

पेट्रोपोलिस में प्रथम भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना

लैटिन अमेरिका में स्थापित भगवान गणेश की पहली प्राण-प्रतिष्ठित मूर्ति है। इस सांस्कृतिक मिलन समारोह का नेतृत्व जोनास मासेटी (विश्वनाथ) ने किया, जो ब्राजील में सनातन परंपराओं को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह वैश्विक सनातन कार्यक्रम दर्शाता है कि हिंदू धर्म सीमाहीन है और वैश्विक स्तर पर योग, वेदांत और भारतीय परंपराओं के प्रति रुचि बढ़ रही है।

Popular Articles