पशुपालन में गाय, भैंस, और बकरी जैसे दुधारू पशुओं के लिए हरा चारा एक अत्यंत आवश्यक आहार है। यह उन्हें प्रोटीन, विटामिन और खनिज प्रदान करता है जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि होती है। हरे चारे की प्रमुख किस्मों में सुपर नेपियर घास, ज्वार, बाजरा, मक्का, और बरसीम शामिल हैं। यह पशुओं के पाचन तंत्र को तो मजबूत रखता ही है साथ में उन्हें सूखा चारा खाने में मदद भी करता है। इसमें प्रचुर मात्रा में नमी होने से पशुओं को पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से भी बचाया जा सकता है।
हरा चारा किस्में (Green Fodder Varieties)
- सुपर नेपियर घास (Super Napier): यह सबसे लोकप्रिय बार-बार कटने वाली घास है जिसकी लंबाई १२-१५ फीट तक हो जाती है। यह प्रोटीन से भरपूर होती है और इसे एक बार लगाने पर कई वर्षों तक कटाई की जा सकती है।
- ज्वार और बाजरा: गर्मी और बारिश के मौसम के लिए ये सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। एडवांटा (Advanta) जैसी कंपनियों की न्यूट्री-फीड (Nutrifeed) किस्में काफी प्रचलित हैं जो मीठी, रसीली और जल्दी पचने वाली होती हैं।
- बरसीम: बरसीम (Berseem) एक अत्यधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट दलहनी हरा चारा है जिसे मुख्य रूप से सर्दियों (रबी मौसम) में उगाया जाता है। यह प्रोटीन ( करीब 20%), कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होता है, जिसे खाने से दुधारू पशुओं का स्वास्थ्य सुधरता है और दूध उत्पादन में भारी वृद्धि होती है।
तपती गर्मियों का मौसम शुरू होते ही हम सब के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि अपने दुधारू पशुओं को लू और भीषण गर्मी की मार से कैसे बचाएं. इस मौसम में अक्सर देखने को मिलता है कि सही पोषण न मिलने के चलते पशु बीमार पड़ने लगते हैं और उनका दूध उत्पादन भी अचानक बहुत कम हो जाता है. इसलिए गर्मियों के इस कठिन समय में सही और पौष्टिक हरे चारे का चुनाव पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो सकता है.
अगर इस समय हम अपने पशुओं के खान-पान में कुछ खास हरे चारों को शामिल कर लें तो न केवल उनकी सेहत एकदम दुरुस्त रहेगी बल्कि इस चिलचिलाती धूप में भी दूध की लगातार बारिश होती रहेगी. जान लीजिए एक्सपर्ट्स टिप्स
कम समय में बंपर पैदावार देने हरे चारे
एक्सपर्ट्स के मुताबिक पशुपालकों के लिए गर्मियों के मौसम में लोबिया, मक्का, बरसीम, नेपियर घास और ज्वार जैसे हरा चारा सबसे ज्यादा फायदेमंद और असरदार साबित होते हैं. इन फसलों की सबसे बड़ी और मजेदार खासियत यह है कि ये बहुत तेजी से बढ़ती हैं और मात्र तीस से चालीस दिनों के भीतर कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती हैं.
कम समय में पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता हो जाने के कारण आपके फार्म पर कभी भी फीड की कमी नहीं होती है. अगर किसान भाई अपने खेतों में लोबिया, मक्का और ज्वार की समय पर बुवाई कर दें तो वे गर्मियों के महीनों में होने वाली चारे की किल्लत को काफी हद तक हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं.
पशुओं की सेहत रहेगी तंदुरुस्त
ये समर स्पेशल हरे चारे न केवल हमारे गाय और भैंसों के शरीर को अंदर से ठंडा और हाइड्रेटेड रखते हैं बल्कि उन्हें भरपूर मात्रा में जरूरी प्रोटीन और विटामिंस भी प्रदान करते हैं. इससे पशुओं की पाचन शक्ति बहुत मजबूत होती है जिससे उनका दूध उत्पादन और फैट का स्तर गर्मियों में भी बिल्कुल कम नहीं होता है.
यह हरे चारे इस चीज में भी फायदेमंद
इसके साथ ही इन फसलों की एक और छिपी हुई सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये मिट्टी की उर्वरता यानी उसकी उपजाऊ शक्ति को भी प्राकृतिक रूप से बहुत बढ़ा देती हैं जिसका सीधा फायदा किसानों को अपनी अगली फसल में देखने को मिलता है.
हरा चारा की इन किस्मों को अपनाएं और अपने पशुओं को चुस्त-दुरुस्त रखें तथा डेयरी से अपनी आय में बढ़ोतरी करें.

