Top 5 This Week

लोकप्रिय ख़बरें

सात्यकी सावरकर ने कहा कि, सरकार ने उनको ‘वीर’ की उपाधि नहीं दी

पुणे के विशेष न्यायालय में राहुल गांधी के विरुद्ध प्रविष्ट मानहानि अभियोग की सुनवाई के दौरान प्रतिपरीक्षण (जिरह) में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में सात्यकी सावरकर ने कहा कि, सरकार ने उनको ‘वीर’ की उपाधि नहीं दी है।

यह एक लेखक सदाशिव रानडे ने अपनी जीवनी में ‘सावरकर’ के लिए पहली बार ‘वीर’ उपाधि का प्रयोग किया था।

लेखक रानडे ने यह उपाधि स्वयं की कल्पना से तथा उनके प्रति के सम्मान के कारण दी थी। आगे जाकर यह उपाधि जनता में लोकप्रिय हुई।

इसके लिए किसी प्रकार की सरकारी अथवा संस्थात्मक सहमति थी अथवा नहीं, यह मुझे ज्ञात नहीं है। अभियोग की सुनवाई के दौरान प्रतिपरीक्षण में राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता मिलिंद पवार द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में सात्यकी सावरकर ने यह स्पष्टीकरण दिया ।

सात्यकी सावरकर का प्रतिपरीक्षण १३ अप्रैल को आगे तक चलेगा।

सात्यकी ने उनकी शिकायत में प्रमाण के रूप में अनेक समाचारपत्रीय ब्योरे तथा राहलु गांधी द्वारा लंदन में दिए गए भाषण के वीडियो का एक यू ट्यूब लिंक प्रस्तुत किया है।

उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर यह झूठा आरोप लगाया कि उन्होंने एक मुसलमान व्यक्ति को पीटे जाने का वर्णन करनेवाली पुस्तक लिखी है, परंतु वास्तव में उन्होंने ऐसी कोई पुस्तक काभी नहीं लिखी है तथा कभी भी ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

राहुल गांधी ने राजनैतिक फायेदा लेने के लिए उनके प्रति अपयश फैलाने तथा उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के उद्देश्य से यह झूठा, विद्वेषपूर्ण एवं आधारहीन आरोप लगाया था।

ज्ञात हो, राहुल ने लंदन में अप्रवासी भारतीयों के सामने दिए गए भाषण में वीर सावरकर के विषय में विवादित वक्तव्य दिया था।

उसके विरोध में सात्यकी सावरकर ने न्यायालय में राहुल गांधी के विरुद्ध मानहानि का अभियोग प्रविष्ट किया है तथा उन्होंने न्यायालय से इस मानहानि के लिए राहुल गांधी को अधिकतम दंड तथा कारावास तथा हानि भरपाई देने की मांग की है।

वीर सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर, अपने दादा की विरासत की रक्षा के लिए मुखर रहे हैं और सरकार से ‘भारत रत्न’ देने का निवेदन भी किया है।

Popular Articles