हिन्दू धर्म मे सबसे पवित्र और मोक्ष प्राप्ति की कामना से की जाने वाली इस बर्ष की चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 से अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ होगी। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के 23 अप्रैल 2026 को खुलेंगे।
यह यात्रा नवंबर तक चलेगी। यात्रा के लिए उत्तराखंड पर्यटन वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
चारधाम यात्रा 2026 कपाट खुलने की डेट:
- यमुनोत्री और गंगोत्री: 19 अप्रैल 2026
- दारनाथ: 22 अप्रैल 2026
- बद्रीनाथ: 23 अप्रैल 2026
यात्रा का क्रम यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, केदारनाथ और फिर भगवान विष्णु के परम धाम अलकापुरी की पवित्र अलकनंदा में स्नान करके श्री बद्री विशाल के दर्शन लाभ कर यात्रा सम्पूर्ण मानी जाती है।
इस यात्रा में श्रद्धालुओं को पंजीकरण (Registration) करना अनिवार्य है, जिसे ऑनलाइन, व्हाट्सप्प (WhatsApp), या ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।
यात्रा का सर्वोत्तम समय मई-जून (गर्मी) और सितंबर-अक्टूबर (मानसून के बाद) का माना गया है।
यात्रा का अनुमानित खर्च लगभग 25,000 से 100,000 रुपये प्रति व्यक्ति (सुविधा अनुसार) हो जाता है।
चारधाम यात्रा के समय ध्यान देने योग्य बातें:
- आधार कार्ड और QR कोड वाला यात्रा पास साथ रखें।
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन के कारण, बुजुर्गों और हृदय रोगियों को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी जाती है।
- गर्म कपड़े और रेनकोट जरूर रखें।
- हवाई यात्रा (हेलीकॉप्टर) के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही प्रयोग करें, फर्जी साइटों से बचें।
केदारनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 6 मार्च 2026 से शुरू हो गए हैं, और कपाट 22 अप्रैल 2026 को खुलेंगे।
चारधाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य है जिसको registrationandtouristcare.uk.gov.in वेबसाइट, ‘Tourist Care Uttarakhand’ ऐप, या WhatsApp (+91-8394833833) के माध्यम से कर सकते हैं । ऑनलाइन पंजीकरण के बाद QR कोड वाला पास प्राप्त करें और यात्रा में साथ रखें, जो सोनप्रयाग/फाटा चेक पोस्ट पर आवश्यक है।
चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी जानकारी या सहायता के लिए सरकार से संबंधित व्यक्ति या पुलिस के मदद ले।

