अंटार्कटिका में सैकड़ों फुट मोटी बर्फ की परत के नीचे क्या कुदरत का कोई रहस्य छिपा है?. इसके लिए हाल ही में स्वीडन की गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी के एक मिशन ने इन सवालों के जवाब अंटार्कटिका में बर्फ की मोटी परतों के नीचे समंदर की मैपिंग और शोध करके ढूंढने की कोशिश की, लेकिन इस मिशन में जो हुआ वैज्ञानिकों का कौतूहल और बढ़ गया।
स्वीडिश सबमरीन ‘Ran’ (रैन) गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित एक उन्नत ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) है, जो अंटार्कटिका के डॉटसन आइस शेल्फ (Dotson Ice Shelf) के नीचे छिपे हुए रहस्यों की खोज कर रही थी। इसने बर्फ के नीचे सपाट पठार और सीढ़ियों जैसी रहस्यमयी बनावट देखी, जिसके बाद यह गायब हो गई।
बर्फ के नीचे रहस्यमयी रोशनी
अंटार्कटिका में बर्फ की मोटी परतों के नीचे समंदर की मैपिंग और शोध करने के लिए ‘Ran’ (रैन) नाम की ऑटोनॉमस सबमरीन (AUV) को अंटार्कटिका के डॉटसन आइस शेल्फ (Dotson Ice Shelf) के नीचे भेजा गया था. यह सबमरीन बिना किसी इंसानी मदद के बर्फ के नीचे घंटों तक तैर सकती थी. सोनार तकनीक से जो डेटा ‘Ran’ ने भेजा, उसने सबको हैरान कर दिया.
वहाँ अंटार्कटिका में बर्फ की मोटी परतों के नीचे सपाट पठार और सीढ़ियों जैसी बनावट दिखी, जो दूर से देखने पर किसी प्राचीन शहर के खंडहर जैसी लगती हैं.
तथा वहां करीब 1000 फीट लंबे और 165 फीट गहरे ‘आंसू’ जैसे गड्ढे मिले. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये पानी की तेज धाराओं ने तराशे हैं, लेकिन इनकी चमक ने कई सवाल खड़े कर दिए.
स्वीडिश सबमरीन ‘Ran’ (रैन) ने ऐसी गहरी दरारें और सुरंगें भी देखीं जो बर्फ को अंदर ही अंदर खोखला कर रही हैं.
गायब होने से पहले ‘Ran’ ने क्या देखा?
वैज्ञानिकों का यह मिशन तब, एक डरावनी फिल्म के द्रश्य में बदल गया जब, डेटा भेजते-भेजते सबमरीन ‘Ran’ (रैन) अचानक अंटार्कटिका की अंधेरी गहराइयों में कहीं खो गई. जैसे अचानक ही उसे समुंदर ने निगल लिया.
चूंकि बर्फ के नीचे GPS या रेडियो वेव्स काम नहीं करते, इसलिए ‘Ran’ को एक तय पॉइंट पर वापस आना था. लेकिन वह वापस नहीं लौटी.
रिसर्च टीम का मानना है कि शायद सबमरीन किसी विशाल बर्फ की चट्टान से टकरा गई या फिर किसी तकनीकी खराबी की वजह से समंदर ने उसे हमेशा के लिए निगल लिया हो, लेकिन आखिरी क्षणों में सबमरीन ‘Ran’ (रैन) ने जो देखा, अब वह एक बर्फ के नीचे एक और नई दुनिया के रहस्य की तरफ इशारा कर रहा है.
‘Ran’ की खोज दुनिया को खतरे से कैसे आगाह करती?
‘Science Advances’ जर्नल में छपी यह रिसर्च बताती है कि अंटार्कटिका की बर्फ ऊपर से ज्यादा नीचे से पिघल रही है. अब तक माना जाता था कि बर्फ सपाट तरीके से पिघलती है, लेकिन ‘Ran’ के डेटा ने दिखाया कि पिघलने का पैटर्न कहीं ज्यादा जटिल और डरावना है.
गर्म समुद्री वेव बर्फ को अंदर से खोखला कर रही हैं. अगर ये आइस शेल्फ टूटते हैं, तो पीछे मौजूद विशाल ग्लेशियर तेजी से समुद्र की ओर खिसकेंगे, जिससे पूरी दुनिया में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाएगा.
भले ही यह स्वीडिश सबमरीन ‘Ran’ (रैन) खो गई हो, लेकिन जाते-जाते उसने जो डेटा दुनिया को भेजा, वह किसी अन्वेषण जगत में किसी दुर्लभ खजाने से कम नहीं है. सही मायने में अंटार्कटिका के नीचे का यह हिस्सा अब भी हमारे लिए किसी दूसरे ग्रह के समान अनजान और रहस्य से भरा हुआ है।

