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मोजतबा ख़ामेनेई से ईरान की जनता को क्या उम्मीद?

ईरान में करीब 4 दशकों से शासन चला रहे पिता अली ख़ामेनेई की अमेरिकी हमलों में मौत के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के नए नेता मोजतबा ख़ामेनेई का एक लिखित संदेश सरकारी मीडिया में प्रसारित किया है.

ज्ञात हो कि, विगत कई वर्षों से प्रत्यक्ष रूप से वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने, उनका पोषण करने तथा अन्य देशों को परमाणु हथियार की धमकी देने के कारण अमेरिका ने ईरान को एक आतंकवादी देश घोषित किया हुआ है। अली ख़ामेनेई की रूढ़िवादी विचारधारा, मानवाधिकार के प्रति असंवेदनशीलता, आर्थिक दिवालियापन, बेरोजगारी और आलोकतंत्रिक व्यवस्था के कारण सरकार के खिलाफ पिछले कुछ महीनों में ईरान में व्यापक प्रदर्शन हुए, अपुष्ट मीडिया खबरों के अनुसार इसमें हजारों युवाओं ने अपनी जान गवाईं।

वर्ष 1979 में इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान बौद्धिक और आर्थिक मोर्चे पर सम्पन्न होने के साथ साथ  सामाजिक व्यवस्था में खुले और पारंपरिक विचारधारा को अपनाए हुए था। फ़ारसी नए साल नवरोज़ को परंपरागत तरीके से मनाया जाता था सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त थी। लेकिन क्रांति के बाद पूरी सामाजिक व्यवस्था को एक विशेष नियम में बांध दिया गया। शायद यही कारण रहा ईरान में युवाओं के आक्रोश का.

Mojtaba Khamenei and his children on Quds Day
Mojtaba Khamenei and his children on Quds Day

मोजतबा ख़ामेनेई का फ़ारसी नए साल नवरोज़ पर संदेश

अली ख़ामेनेई के पुत्र और नवनिर्वाचित मोजतबा ख़ामेनेई ने फ़ारसी नए साल ‘नवरोज़’ के मौक़े पर एक लिखित संदेश जारी किया, जिसे सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाया गया है. संदेश में उन्होंने कहा कि ईरान अपने पूर्वी पड़ोसियों को बहुत क़रीबी मानता है. उन्होंने पाकिस्तान को अपने पिता अली ख़ामेनेई का ‘ख़ासतौर पर पसंदीदा देश’ बताया.

इसराइल-अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान पड़ोसी देशों पर हुए हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा, तुर्की और ओमान, जिनके साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, उनके कुछ इलाक़ों पर जो हमले हुए, वे किसी भी तरह से इस्लामिक रिपब्लिक की सेना या रेजिस्टेंस फ़्रंट की फ़ोर्सेज़ ने नहीं किए थे.

ख़ामेनेई ने कहा, पिछले एक साल में, हमारे लोगों ने तीन सैन्य और सुरक्षा युद्धों का अनुभव किया है. पहला युद्ध जून का था, जब यहूदी दुश्मन (इस्राइल) ने अमेरिका की मदद से और बातचीत के बीच में ही हमला कर दिया.

दूसरे थोपे गए युद्ध (जनवरी के तख़्तापलट की कोशिश) और तीसरे थोपे गए युद्ध में और सुरक्षा और सीमा पर शहीद हुए लोगों के सम्मानित परिवारों और उनके जीवित बचे परिजनों के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ.

आर्थिक सुधार पर जोर

अपने संदेश में उन्होंने राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा की छाया में चरमराई हुए अर्थव्यवस्था को सुधारने का वादा किया. साथ ही प्रबंधन और आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए ‘एक प्रभावी उपाय’ प्रस्तुत करने का वादा भी किया.

दिवालिया होती अर्थव्यवस्था को आर्थिक युद्ध का हिस्सा बताते हुए आर्थिक मोर्चे पर लंबे समय से चली आ रही आर्थिक और प्रबंधकीय कमज़ोरियों को दूर करने, लोगों की आजीविका में सुधार करने और कल्याणकारी ढांचे को मजबूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

अपने पिता की तरह एक बार फिर मोजतबा ख़ामेनेई ने घरेलू मीडिया को सरकारी कमज़ोरियों या आंतरिक परेशानियों को दिखाने के ख़िलाफ़ चेतावनी भी दी और कहा कि ऐसी बातें दुश्मन के मनोवैज्ञानिक अभियानों को मदद पहुंचा सकती हैं, जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को कमज़ोर करना है.

sons of Ali Khamenei Khamenei (second from left) with his three brothers from left to right Mostafa Masoud and Meysam
sons of Ali Khamenei Khamenei (second from left) with his three brothers from left to right Mostafa Masoud and Meysam

ख़ामेनेई का पाकिस्तान प्रेम

खामेनेई ने खासकर पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश और अन्य मुस्लिम देशों के साथ मजबूत संबंधों और सहयोग जोर दिया. पाकिस्तान को अपने पिता अली ख़ामेनेई का ‘ख़ासतौर पर पसंदीदा देश’ भी बताया

उनका यह बयान धार्मिक संदेशों के साथ राजनीतिक और सैन्य दावों को भी जोड़ता है, जिसमें राष्ट्रीय एकता, आर्थिक मजबूती और क्षेत्रीय कूटनीति को आने वाले वर्ष की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में पेश किया गया है.

अली ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी

अली ख़ामेनेई की मौत के बाद, असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट ने करीब एक सप्ताह लंबी चली प्रक्रिया के बाद, उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को नेता के रूप में चुना था. मोजतबा ख़ामेनेई को 8 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया. वह अपने पिता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी हैं. अली ख़ामेनेई की 28 फ़रवरी को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन मौत हो गई थी.

सरकार की ओर से मोजतबा ख़ामेनेई के बारे में व्यापक प्रचार के बावजूद, नए नेता के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने पर उनकी चोटों की गंभीरता और ईरान के भविष्य को लेकर अटकलों को और बढ़ा दिया है.

मोजतबा ख़ामेनेई के नाम से दो लिखित संदेश जारी किए गए हैं, लेकिन उनकी कोई तस्वीर सामने नहीं आई है. इसलिए उनके घायल होने के कयास लगे जा रहे हैं। हालांकि, कई ईरानी नेताओं और अधिकारियों ने कहा है कि मोजतबा ख़ामेनेई गंभीर रूप से घायल नहीं हुए।

 

 

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