5 अप्रैल 2026 (रविवार) को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को तेलंगाना राज्य की राजधानी भाग्यनगर के सिकंदराबाद क्षेत्र के रामगोपालपेट में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया।
महावीर व्यायायाम शाला में आयोजित यह हिन्दू सम्मेलन शोभा यात्रा से शुरू हुआ, इसमें माताओं, बहिनों और बालकों ने बढचढ़ कर हिस्सा लिया।
नगर के महत्वपूर्ण मार्गों से होती हुए यह शोभायात्रा महावीर व्यायायाम शाला में आ कर हिन्दू सम्मेलन में परिवर्तित हो गई। इस शोभायात्रा में ढोलक की थाप और हिन्दू सम्राट वीर शिवाजी महाराज के जयकारों के साथ सनातन संस्कृति की छाप देखने को मिली।

माताओं और बहिनों की उपस्थिति, और शोभायात्रा में भाग लेना यह दर्शाता है की इस तरह के हिन्दू सम्मेलनों की समाज में कितनी आवश्यकता है। परिवार हो या समाज, संस्कार का मूल्य सबसे अधिक माता ही जानती हैं और आज पथभ्रष्ट हो रहे समाज को इस तरह के प्रेरणादायक आयोजन से सही रास्ते पर लाया जा सकता है।
विधर्मी और दुष्ट आचरण वाले स्वदेशी तथा विदेशी लोगों द्वारा सनातन धर्म के साथ-साथ राष्ट्र को योजनाबद्ध तरीके के क्षति पहुंचाई जा रही है उसकी जनसांख्यिकीय और भूगोलिक स्थिति को बदलने का प्रयास किया जा रहा है और अब इसका आभास हर सनातनी को होना शुरू हो गया है, फिर चाहे वह किसी भी राजनैतिक दल या समाज के उच्य वर्ग से हों। सनातनी समाज को पथभ्रष्ट होते देख अब अबोध बालक से लेकर वृद्ध सभी ने इसको पुनः सही रास्ते पर लाने के लिए कमर कस ली है।
“मातृ शक्ति, राष्ट्र शक्ति” हो अथवा “सशक्त नारी, समृद्ध राष्ट्र”
सिर्फ लिखे हुए वाक्य नही हैं , वल्कि उन्नत देश और समाज की सफलता का सूत्र है।
इस सम्मेलन के मुख्य वक्ता इस्कॉन के भक्त (स्वामी) ने सनातन धर्म और संस्कृति के इतिहास और उसकी विशेषताओं पर विचार रखे। (विडिओ देखें)
सम्मेलन के विधिवत शुभारंभ से पहले मधुर वाणी में आमंत्रित गायक ने भजन गाए इसके बाद दीप जला कर एवं वंदेमातरम के गायन से हिन्दू सम्मेलन का आरंभ हुआ।
बच्चों ने तेलगु सांस्कृतिक वेश-भूषा में कई राष्ट्र भक्ति और जन-जागरण के विषयों पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा बच्चों द्वारा गीता-पाठ भी किया गया और इसके बाद श्रीहनुमान चालीसा का पाठ हजारों की संख्या में उपस्थित जन समूह ने किया।
विराट हिन्दू सम्मेलन के समापन पर उन सभी अनगिनत कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया गया जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रयासरत रहे।

